Chhattisgarh land dispute: बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील के ग्राम चंदेरी में चरागाह की जमीन को औद्योगिक क्षेत्र के लिए दिए जाने का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है। पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नकटी कांड के बाद अब चंदेरी की चरागाह भूमि को उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश और शासन के निर्देशों की भी अनदेखी की जा रही है।
दामाखेड़ा में मुख्यमंत्री के आश्वासन का दिया हवाला
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री के पूर्व में दिए गए आश्वासन का भी हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि 23 फरवरी 2024 को दामाखेड़ा में कबीरपंथ के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दामाखेड़ा के 10 किलोमीटर के दायरे में उद्योग नहीं लगाने को लेकर आश्वासन दिया था। अकबर का आरोप है कि मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बावजूद चंदेरी में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए चरागाह की जमीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि यदि दामाखेड़ा के आसपास उद्योग नहीं लगाने का आश्वासन दिया गया था तो चंदेरी की भूमि को औद्योगिक प्रयोजन के लिए किस आधार पर दिया गया।
