रायपुर, 18 जुलाई 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के तहत लंबित मामलों के निराकरण के लिए जिला न्यायालय रायपुर में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस विशेष लोक अदालत का उद्घाटन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री बलराम प्रसाद वर्मा, अपर सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सहित अन्य न्यायाधीशगण उपस्थित रहे।
लोक अदालत में चेक बाउंस मामलों के त्वरित निराकरण के लिए 19 विशेष खंडपीठों का गठन किया गया, जिनमें लगभग 1800 मामलों को सूचीबद्ध किया गया था। इनमें से पक्षकारों के आपसी समझौते और सहमति के आधार पर कुल 847 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।
इन मामलों में कुल समझौता राशि 22,79,86,157 रुपये (लगभग 22 करोड़ रुपये से अधिक) रही, जिसका निपटारा लोक अदालत के माध्यम से किया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निपटारे का विशेष महत्व है क्योंकि इसमें दिए गए निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता और निर्णय अंतिम माना जाता है। इससे पक्षकारों के बीच विवाद समाप्त होकर आपसी संबंधों में सुधार होता है।
हाइब्रिड मोड में आयोजित इस लोक अदालत में पक्षकारों को भौतिक और वर्चुअल दोनों माध्यमों से उपस्थित होने की सुविधा प्रदान की गई, जिससे अधिक संख्या में मामलों के निपटारे में सहायता मिली।