जजों के खिलाफ एजेंडा सेट करनेवालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : RAVISHANKAR PRASAD

 पटना। जजों के खिलाफ एजेंडा सेट करनेवालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मन मुताबिक फैसला नहीं आने पर जजों के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई जाती है। उनकी ट्रोलिंग की जाती है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इसे टॉलरेट नहीं किया जाएगा। जजों के खिलाफ एजेंडा सेटर्स को चेतावनी रविशंकर प्रसाद…

जजों के खिलाफ एजेंडा सेट करनेवालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : RAVISHANKAR PRASAD

 पटना। जजों के खिलाफ एजेंडा सेट करनेवालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मन मुताबिक फैसला नहीं आने पर जजों के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई जाती है। उनकी ट्रोलिंग की जाती है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इसे टॉलरेट नहीं किया जाएगा।

जजों के खिलाफ एजेंडा सेटर्स को चेतावनी

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ‘हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों को पूरी आजादी है कि वो अपने हिसाब से कानून के आधार पर चाहे जो फैसला दें। किसी को भी अधिकार है कि वो जजमेंट की आलोचना करे। मगर किसी भी तरह की ट्रोलिंग बर्दाशत नहीं की जाएगी। किसी भी तरह का एजेंडा सेटिंग और सार्वजनिक तौर पर जजों की आलोचना करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काफी लंबे समय से इस बारे में सोच रहा था, मगर पहली बार इसे सार्वजनिक तौर पर बोल रहा हूं। मैं ये सोचता हूं कि पटना हाईकोर्ट का मंच इस बात को कहने के लिए सबसे अच्छा है। ये केवल बिहार के लिए मैसेज नहीं है बल्कि पूरे देश के लिए ये मैसेज है। पटना से मैं पूरे देश को बताना चाहता हूं।’

भारत में 135 करोड़ सोशल मीडिया यूजर्स


केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ‘राष्ट्रीय सोशल मीडिया गाइडलाइन के जरिए हम लोगों के विचारों का स्वागत करते हैं। बोलने की आजादी का समर्थन करते हैं। लेकिन सोशल मीडिया का इस्तेमाल समस्या नहीं है बल्कि सोशल मीडिया का मिसयूज और एब्यूज समस्या है। भारत के 135 करोड़ लोग अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इसमें से कुछ लोग मिसयूज करते हैं, कुछ एब्यूज करते हैं, कुछ अपनी बातों को रखते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत एक आजाद देश है, कोई भी कुछ भी कह सकता है। कुछ लोग कोर्ट के फैसले की भी आलोचना करते हैं। मगर हाल के दिनों में एक नया ट्रेंड चल रहा है। कुछ लोगों को किसी फैसले के बारे में अपना विचार हो सकता है। वो उसके के लिए पीआईएल फाइल करते हैं। इसमें कोई समस्या नहीं है, ये उनका अधिकार है। मगर बाद में वो किसी जजमेंट के खिलाफ कैंपेनिंग शुरू कर देते हैं। अगर उनके विचार के मुताबिक फैसला नहीं आता है तो वो जजों के खिलाफ कैंपेन शुरू कर देते हैं। इसे टॉलरेट नहीं किया जाएगा।

पटना हाईकोर्ट के शताब्दी भवन का उद्घाटन

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मैं जीवन में कुछ भी बन पाया हूं या जो भी कर पाया हूं उसमें पटना हाई कोर्ट का बहुत बड़ा योगदान है। 31 जनवरी 2021 तक देश मे 73.8 लाख केस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुने गए। बिहार में 6 लाख से ज्यादा केस डिजिटल माध्यम से सुने गए। रविशंकर प्रसाद ने टेली लॉ के विषय में भी बात की।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबडे ने शनिवार को पटना हाईकोर्ट के शताब्दी भवन का उद्घाटन किया। उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद के अलावा सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा, न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता भी मौजूद रहे। समारोह में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल और हाईकोर्ट के सभी जज खास तौर पर मौजूद थे। कार्यक्रम में झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डॉ रवि रंजन, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन सीनियर एडवोकेट मनन कुमार मिश्रा भी शामिल रहे।



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