लोगों के बीच विवादों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाते हैं अधिवक्ता : CM भूपेश

  दुर्ग । सीएम भूपेश आज दुर्ग जिला अधिवक्ता संघ के आयोजित भूमिपूजन, लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए . जहां उन्होंने जिला अधिवक्ता संघ के लिए लगभग 2 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन मंजिला भवन का  भूमिपूजन किया. साथ ही 38 लाख रुपये की लागत से बने आदर्श ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण भी किया.…

लोगों के बीच विवादों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाते हैं अधिवक्ता : CM भूपेश

 

दुर्ग । सीएम भूपेश आज दुर्ग जिला अधिवक्ता संघ के आयोजित भूमिपूजन, लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए . जहां उन्होंने जिला अधिवक्ता संघ के लिए लगभग 2 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन मंजिला भवन का  भूमिपूजन किया. साथ ही 38 लाख रुपये की लागत से बने आदर्श ई-लाइब्रेरी का लोकार्पण भी किया. विदित हों कि, जिन कार्यों का लोकार्पण – भूमिपूजन मंगलवार को किया गया . जिनकी सौगात दुर्ग अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में सीएम ने दी थी. सीएम भूपेश ने जहाँ दुर्ग अधिवक्ता संघ के आयोजन में लगभग 2 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया वहीं केंद्र सरकार पर जमकर निशाना भी साधा  .


इस दौरान सीएम ने  दुर्ग अधिवक्ता संघ को बधाई दी , इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश ने कहा कि, आज सभी संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है लोकतंत्र का जिस तरह से उपयोग हो रहा है वह देश के भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जातिगत जनगणना को लेकर कहा कि, बिहार सरकार ने केंद्र सरकार के मुंह पर तमाचा मारा है. जब बिहार सरकार जनगणना कर सकती है तो केंद्र सरकार क्यों नहीं. आखिर क्यों साल 2011 से लेकर 2021 तक जनगणना नहीं कराई गई. हमने अपने प्रदेश में जनगणना करवाई है. क्‍वां‍टिफायबल डाटा आयोग बनाकर उसमें जनगणना करवाई गई.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विज्ञान भवन दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि, इस सम्मेलन में राष्ट्रपति, जिफ जस्टिश ऑफ इंडिया समेत सभी प्रदेशों के मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री मौजूद थे. मैंने देखा कि वहां सभी राज्य के मुख्यमंत्री और न्यायाधीशों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है. 


हमने न्यायपालिकाओं के बिल्डिंग के लिए सभी जगहों पर राशि की स्वीकृति दी है. कही पर भी विवाद की स्थिति नहीं है. इसलिए मैं सत्ता का भी और विपक्ष दोनों का मजा लेता हूं. आज समाज के पढ़े लिखे लोगों की जिम्मेदारी अधिक होती है. अधिवक्ता भी इस पढ़े-लिखे लोगों में शामिल है जो लोगों के बीच विवादों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाते हैं. आज सुबह नींद खुली और खबर देखा की पत्रकारो के तीस ठिकानों के छापे मारा गया. ये सभी न्यूट्रल थे या फिर केंद्र सरकार के विपक्ष में थे. इसलिए आज निष्पक्ष होना भी खतरे से खाली नहीं है. या तो आप सरकार के पक्ष में रहो या फिर आंखें बंद कर लो.

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