इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ में 194 करोड़ के साइबर अपराध के मामले में आरोपी विवेक जायसवाल की अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी ने दिया। आजमगढ़ पुलिस ने क्रिकेट से संबंधित ऑनलाइन गेम की आड़ में साइबर धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोह का खुलासा किया था। मामले में गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि गिरोह ने 208 बैंक खातों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की, जिसमें एक करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए गए।
पुलिस ने 20 हजार रुपये नकद, 51 मोबाइल, चार लैपटॉप, 42 एटीएम कार्ड, 13 बैंक पासबुक, कई सिम कार्ड जब्त किए थे। गिरोह सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को एक वेबसाइट पर लॉग इन करने के लिए लुभाता था और ऑनलाइन गेम में टास्क देकर रुपये दोगुना करने का लालच देता था। फिर लोगों के रुपये फर्जी खातों में ट्रांसफर कराता था। पुलिस ने सार्वजनिक जुआ अधिनियम, आईटी एक्ट सहित विभिन्न आरोपों में आजमगढ़ के साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया था।
याची ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि वह निर्दोष है। उसे रंजिशन परेशान करने के लिए फंसाया गया है। उसके विरुद्ध कोई विश्वसनीय साक्ष्य नहीं है। याची ट्रायल और जांच के दौरान सहयोग करेगा और समय पर उपस्थित रहेगा। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद आरोपों की प्रकृति, मामले के सभी तथ्यों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सशर्त अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

