कृष्णानगर थाने में हाईकोर्ट के अधिवक्ता ने 12 लोगों के खिलाफ मकान के नाम पर लाखों की ठगी की एफआईआर दर्ज कराई है। डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के आदेश पर केस दर्ज किया गया है।
गोमतीनगर के विश्वास खंड निवासी अधिवक्ता अनघ शुक्ल के मुताबिक वर्ष 2017 में वह राजेंद्र प्रसाद के कृष्णानगर स्थित मकान में रहते थे। एक वर्ष बाद राजेंद्र ने वही मकान 90 लाख रुपये में उन्हें बेचने की बात कही। अधिवक्ता ने राजेंद्र को नवंबर 2019 से जनवरी 2020 तक आठ लाख रुपये बयाना दिया।
अनघ ने बताया कि वर्ष 2020 में उन्हें पता चला कि राजेंद्र की बीमारी का फायदा उठाकर उनके रिश्तेदारों और परिवार के लोगों ने मकान किसी को दान में लिख दिया। पीड़ित ने जब विरोध किया तो राजेंद्र ने भरोसा जीतने के लिए रिश्तेदारों व परिवारवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। साथ ही उन्हें ही मकान बेचने का आश्वासन दिया।
अनघ का आरोप है कि इस बीच राजेंद्र ने किसी न किसी बहाने से उनसे वर्ष 2020 से 2025 तक लाखों रुपयों ऐंठ लिए। फिर बाद में मकान उन्हें बेचने से मना कर दिया। अधिवक्ता ने डीसीपी से शिकायत की। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि जांच में मामला सही पाए जाने पर राजेंद्र, राम अवतार, रजनीश, मंजू, रुचिका, नेहा, बिंदु, उसके पति, सुमन, मोहित रस्तोगी, पिंटू और दीपक के बेटे के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। साक्ष्य मिलने पर कार्रवाई होगी।

