दिनांक: 10 जुलाई 2026
केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने Foreign Exchange Management (Non-Debt Instruments) (Third Amendment) Rules, 2026 को अधिसूचित किया है। इसके माध्यम से Foreign Exchange Management (Non-Debt Instruments) Rules, 2019 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं, जो भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तियों द्वारा भारतीय कंपनियों में निवेश से संबंधित हैं।
प्रमुख बदलाव
- पहले केवल अनिवासी भारतीय (NRI) और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) को भारतीय सूचीबद्ध (Listed) कंपनियों के इक्विटी शेयरों और अन्य प्रतिभूतियों में निवेश की अनुमति थी।
- अब यह दायरा बढ़ाकर भारत के बाहर रहने वाले अन्य विदेशी व्यक्तिगत निवेशकों (Individuals Resident Outside India) को भी निवेश की अनुमति दी गई है।
निवेश सीमा में बदलाव
पहले:
- एक NRI या OCI अधिकतम 5% तक किसी सूचीबद्ध कंपनी की चुकता इक्विटी पूंजी (Paid-up Equity Capital) में निवेश कर सकता था।
- सभी NRI/OCI का कुल निवेश 10% से अधिक नहीं हो सकता था।
अब:
- भारत के बाहर रहने वाला कोई भी व्यक्तिगत निवेशक (NRI/OCI सहित) किसी सूचीबद्ध कंपनी में 10% से कम (Less than 10%) तक निवेश कर सकेगा।
- ऐसे सभी निवेशकों का कुल निवेश 24% तक हो सकेगा।
इसका क्या प्रभाव होगा?
इस संशोधन का उद्देश्य विदेशी व्यक्तिगत निवेशकों के लिए भारतीय पूंजी बाजार को अधिक आकर्षक बनाना, निवेश को बढ़ावा देना तथा भारतीय कंपनियों के लिए पूंजी जुटाने के अवसरों का विस्तार करना है।
स्रोत: वित्त मंत्रालय, भारत सरकार (FEMA – Foreign Exchange Management (Non-Debt Instruments) (Third Amendment) Rules, 2026)

