घरेलू एलपीजी गैस के नए कनेक्शन नहीं दिए जाने के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार की ओर से कोई रोक नहीं होने के बावजूद बीपीसीएल और उसके अधिकृत वितरक नए गैस कनेक्शन देने से इनकार कर रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ और मनमाना कदम है।
नए गैस कनेक्शन नहीं मिलने पर पहुंचा मामला हाईकोर्ट
जबलपुर निवासी अनुकृति दीक्षित की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि बीपीसीएल और उसके अधिकृत वितरक नए घरेलू एलपीजी कनेक्शन देने से मना कर रहे हैं। जबकि केंद्र या राज्य सरकार की ओर से नए गैस कनेक्शन पर रोक लगाने संबंधी कोई आदेश, अधिसूचना या परिपत्र जारी नहीं किया गया है।
याचिका में यह भी कहा गया कि एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत नए गैस कनेक्शन के पंजीयन या वितरण से इनकार करना प्रतिबंधित गतिविधि है। ऐसे में बीपीसीएल और उसके वितरकों का यह रवैया नियमों के विपरीत और पूरी तरह मनमाना है।
बीपीसीएल ने बताई रोक की वजह
मामले की सुनवाई के दौरान बीपीसीएल की ओर से अदालत को बताया गया कि वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और सीमित एलपीजी आपूर्ति के कारण फिलहाल नए गैस कनेक्शन देने पर अस्थायी रोक लगाई गई है। कंपनी ने कहा कि उसकी प्राथमिकता मौजूदा उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के एलपीजी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है। साथ ही बीपीसीएल ने अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से 15 दिन का समय भी मांगा।
हाईकोर्ट ने दिया जवाब दाखिल करने का समय
जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने बीपीसीएल का आग्रह स्वीकार करते हुए कंपनी को 15 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राहुल राजपूत और बीपीसीएल की ओर से अधिवक्ता कपिल जैन ने पक्ष रखा।

