‘दूसरों की बेटी की बेइज्जती की तो सीधे जाओगे जेल’… दहेजबाजों को सुप्रीम कोर्ट की आखिरी चेतावनी, अर्जी खारिज कर भेजा जेल
दहेज से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि शादी के बाद किसी भी लड़के या उसके परिवार को बहू और उसके मायके वालों का अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि दहेज के नाम पर पैसे मांगना और फिर लड़की के परिवार को अपमानित करना बेहद गंभीर सामाजिक बुराई है, जिस पर कड़ा संदेश जाना चाहिए।
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि आखिर लोग दहेज के नाम पर पैसे कैसे मांग सकते हैं। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले पैसे मांगे जाते हैं और बाद में लड़की के परिवार को भिखारी तक कहा जाता है। ऐसी मानसिकता समाज के लिए घातक है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दुल्हन या उसके मायके वालों की बेइज्जती किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने कहा कि विवाह दो परिवारों के बीच सम्मान और विश्वास का रिश्ता होता है, लेकिन दहेज की मांग और उत्पीड़न इस रिश्ते को कमजोर करते हैं। मामले में आरोपी पति और उसके परिवार ने राहत की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनके प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई। पीठ ने राहत देने से इनकार करते हुए आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया।