दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने कार्यशील दिनों में महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। अब प्रत्येक माह के पहले और तीसरे शनिवार को अदालत की पूर्ण सिटिंग होगी। यह फैसला लंबित मामलों के निपटारे को तेज करने के उद्देश्य से लिया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट की कोर्ट ने 22 दिसंबर 2025 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस निर्णय की अधिसूचना 15 जनवरी 2026 को जारी हुई। इससे पहले वर्ष 2025 में हाईकोर्ट ने प्रत्येक बेंच को हर महीने एक शनिवार को काम करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब यह व्यवस्था और सख्त हो गई है। अब स्पष्ट रूप से पहले और तीसरे शनिवार को सभी बेंच काम करेंगी।
यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट में लाखों लंबित मामलों को जल्द निपटाने की दिशा में उठाया गया है। कोर्ट प्रशासन का मानना है कि अतिरिक्त कार्य दिवसों से न्याय वितरण की गति बढ़ेगी। हालांकि, इस फैसले पर दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने पहले ही आपत्ति जताई थी। बार एसोसिएशन ने कहा था कि वकीलों से कोई परामर्श नहीं किया गया, जिससे कार्य-जीवन संतुलन प्रभावित होगा और लॉजिस्टिक समस्याएं आएंगी। एसोसिएशन ने मांग की थी कि या तो इस व्यवस्था को रोका जाए या सभी बेंचों के लिए एक ही निश्चित शनिवार तय किया जाए।

