इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोष सिद्ध बंदी धर्मवीर की समयपूर्व रिहाई पर प्रमुख सचिव कारागार को एक महीने के अंदर निर्णय लेने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने दिया। याची के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि गाजियाबाद के मोदीनगर थाने में 21 अगस्त 2009 को हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था।
इसमें अपर जिला जज गाजियाबाद ने 13 दिसंबर 2012 को याची को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बाद में धर्मवीर की अपील पर हाईकोर्ट ने 10 मार्च 2017 को सजा बरकरार रखी। इसके बाद याची ने समयपूर्व रिहाई के लिए शासन को प्रत्यावेदन दिया। अधिवक्ता ने बताया कि धर्मवीर 12 वर्ष से अधिक वास्तविक कारावास काट चुके हैं। ऐसे में वे शासन की नीति के तहत रिहाई के हकदार हैं।

