RAIPUR NEWS : करणी सेना उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर को हाई कोर्ट से राहत, निगम फिलहाल नहीं तोड़ सकता आलीशान मकान

रायपुर के भाठागांव स्थित तोमर बंधुओं के मकान पर नगर निगम की डेमोलिशन कार्रवाई पर हाई कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। मकान मालकिन सुभ्रा सिंह तोमर की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि दस्तावेजों की प्राप्ति और जवाब देने का पूरा अवसर याचिकाकर्ता को मिलना चाहिए। RAIPUR…

RAIPUR NEWS : करणी सेना उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर को हाई कोर्ट से राहत, निगम फिलहाल नहीं तोड़ सकता आलीशान मकान

रायपुर के भाठागांव स्थित तोमर बंधुओं के मकान पर नगर निगम की डेमोलिशन कार्रवाई पर हाई कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। मकान मालकिन सुभ्रा सिंह तोमर की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि दस्तावेजों की प्राप्ति और जवाब देने का पूरा अवसर याचिकाकर्ता को मिलना चाहिए।

RAIPUR NEWS :

सुभ्रा सिंह तोमर ने बताया कि, उन्होंने एक करोड़ रुपये का लोन लेकर मकान बनवाया है और निर्माण की अनुमति वैध है। लेकिन 25 जुलाई को नगर निगम जोन-6 ने नोटिस भेजते हुए 31 जुलाई तक जवाब मांगा। वहीं याचिकाकर्ता का कहना है कि पुलिस ने चार जून को मकान में रेड कर सभी निर्माण संबंधी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं, जिससे जवाब देना संभव नहीं था।

निगम ने चौथी मंजिल पर बने अवैध स्विमिंग पूल का हवाला देते हुए कार्रवाई की बात कही थी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां याचिकाकर्ता को दी जाएं और जवाब के बाद ही निर्णय लिया जाए। तब तक कोई भी तोड़फोड़ या दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

बता दें कि, बिना अनुमति मकान निर्माण के आरोप में रायपुर नगर निगम द्वारा नोटिस मिलने के बाद तोमर बंधुओं के परिवार की ओर से हाई कोर्ट में गुहार लगाई गई है। याचिकाकर्ता महिला ने कहा कि उसके मकान निर्माण से जुड़े सभी दस्तावेज पुलिस ने जब्त कर लिए हैं, इसलिए वो निगम को जवाब नहीं दे पा रही है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल डेमोलिशन (तोड़फोड़) पर रोक लगाते हुए निगम को निर्देश दिए कि दस्तावेज मिलने और सुनवाई पूरी होने तक कोई दमनात्मक कार्रवाई न की जाए।

RAIPUR NEWS : कोर्ट ने कहा- दस्तावेज लेकर जवाब देने का दें पूरा मौका
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निगम को आदेश दिया कि याचिकाकर्ता को दस्तावेज प्राप्त करने और जवाब दाखिल करने का पूरा अवसर दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता 10 दिनों के भीतर नगर निगम में आवेदन देकर दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां हासिल कर सकती है। इसके बाद 15 दिनों के भीतर निगम को जवाब देना होगा।

निगम को निर्देश दिया गया कि दस्तावेजों की जांच कर सुनवाई के बाद 30 दिनों के भीतर अंतिम निर्णय लें। किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को न्यायिक प्रक्रिया के तहत पूरा सुनवाई का मौका दिया जाए व दस्तावेजों के अभाव में उनके मकान पर तत्काल कोई भी डेमोलिशन कार्रवाई करना उचित नहीं होगा।

RAIPUR NEWS : पुलिस रेड में जब्त हो गए दस्तावेज, मकान भी सील
महिला ने अपनी याचिका में बताया कि 4 जून 2025 को थाना तेलीबांधा पुलिस ने उनके मकान पर छापा मारा था। इस दौरान निर्माण से जुड़े सभी मूल दस्तावेज और अनुमति पत्र पुलिस ने जब्त कर लिए। मकान को भी सील कर दिया गया। इसलिए उनके पास नगर निगम को देने के लिए कोई दस्तावेज मौजूद नहीं हैं। महिला ने बताया कि उन्होंने 28 जुलाई को निगम को विस्तृत जवाब भेजते हुए दस्तावेजों की जब्ती की पूरी जानकारी दी थी और पुलिस से दस्तावेज दिलाने की मांग भी की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports