केंद्र सरकार ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच को बताया कि गृह मंत्रालय कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की सुरक्षा बढ़ाने संबंधी अर्जी पर पुनर्विचार कर रहा है। शिशिर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की हैं और उन्हें जान का खतरा होने का दावा किया है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने कहा कि सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करे। सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडेय ने अदालत को बताया कि गृह मंत्रालय मामले की नए सिरे से जांच कर रहा है। साथ ही कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, केरल सरकार और दिल्ली पुलिस को भी शिशिर की सुरक्षा चिंताओं पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
शिशिर ने अदालत से मौजूदा सुरक्षा को बढ़ाकर अखिल भारतीय ‘जेड प्लस’ सुरक्षा देने की अंतरिम मांग की, लेकिन अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। केंद्र ने भरोसा दिलाया कि सक्षम प्राधिकारी जल्द निर्णय लेकर शिशिर को सूचित करेगा।
राहुल गांधी नागरिकता मामले में 20 अप्रैल के आदेश को वापस लेने की मांग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता विवाद मामले में याची ने एक अर्जी दाखिल कर 20 अप्रैल के आदेश को वापस लिए जाने की मांग की है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने पारित किया था। इसमें याची एस विग्नेश शिशिर द्वारा सोशल मीडिया में कोर्ट पर की गई टिप्पणियों को संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति विद्यार्थी ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था।
इस आदेश में न्यायालय ने यह भी मत दिया था कि प्रस्तावित अभियुक्त को भी सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी द्वारा स्वयं को सुनवाई से अलग करने का पश्चात मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनीष माथुर की एकल पीठ को नामित कर दी गई थी। बुधवार को यह याचिका जब सुनवाई के लिए पेश हुई तो न्यायमूर्ति माथुर ने कहा कि 20 अप्रैल के आदेश को वापस लिए जाने संबंधी अर्जी को वही पीठ तय कर सकती है जिसने उक्त आदेश पारित किया था। लिहाजा अर्जी को यथोचित पीठ द्वारा निर्णीत करने के पश्चात ही इस कोर्ट के समृद्ध सूचीबद्ध किया जाए।
हाईकोर्ट :राहुल गांधी पर याचिकाएं लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ता को मिलेगी जेड प्लस सुरक्षा, गृह मंत्रालय कर रहा विचार
हाईकोर्ट :राहुल गांधी पर याचिकाएं लगाने वाले भाजपा कार्यकर्ता को मिलेगी जेड प्लस सुरक्षा, गृह मंत्रालय कर रहा विचार
28 May 2026
By : ANAND SINGH
केंद्र सरकार ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच को बताया कि गृह मंत्रालय कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की सुरक्षा बढ़ाने संबंधी अर्जी पर पुनर्विचार कर रहा है। शिशिर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कई याचिकाएं दायर की हैं और उन्हें जान का खतरा होने का दावा किया है।
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की खंडपीठ ने कहा कि सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करे। सुनवाई के दौरान डिप्टी सॉलिसिटर जनरल एसबी पांडेय ने अदालत को बताया कि गृह मंत्रालय मामले की नए सिरे से जांच कर रहा है। साथ ही कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, केरल सरकार और दिल्ली पुलिस को भी शिशिर की सुरक्षा चिंताओं पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
शिशिर ने अदालत से मौजूदा सुरक्षा को बढ़ाकर अखिल भारतीय ‘जेड प्लस’ सुरक्षा देने की अंतरिम मांग की, लेकिन अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। केंद्र ने भरोसा दिलाया कि सक्षम प्राधिकारी जल्द निर्णय लेकर शिशिर को सूचित करेगा।
राहुल गांधी नागरिकता मामले में 20 अप्रैल के आदेश को वापस लेने की मांग
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता विवाद मामले में याची ने एक अर्जी दाखिल कर 20 अप्रैल के आदेश को वापस लिए जाने की मांग की है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने पारित किया था। इसमें याची एस विग्नेश शिशिर द्वारा सोशल मीडिया में कोर्ट पर की गई टिप्पणियों को संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति विद्यार्थी ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था।
इस आदेश में न्यायालय ने यह भी मत दिया था कि प्रस्तावित अभियुक्त को भी सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी द्वारा स्वयं को सुनवाई से अलग करने का पश्चात मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनीष माथुर की एकल पीठ को नामित कर दी गई थी। बुधवार को यह याचिका जब सुनवाई के लिए पेश हुई तो न्यायमूर्ति माथुर ने कहा कि 20 अप्रैल के आदेश को वापस लिए जाने संबंधी अर्जी को वही पीठ तय कर सकती है जिसने उक्त आदेश पारित किया था। लिहाजा अर्जी को यथोचित पीठ द्वारा निर्णीत करने के पश्चात ही इस कोर्ट के समृद्ध सूचीबद्ध किया जाए।

