इलाहाबाद हाई कोर्ट के ऐतिहासिक राजनारायण बनाम इंदिरा गांधी प्रकरण में पारित निर्णय के हिंदी अनुवाद को ई-पुस्तिका स्वरूप में उपलब्ध करा दिया गया है। स्वतंत्रता पूर्व कानपुर बम धमाके मामले में सुनाए गए निर्णय का हिंदी अनुवाद भी इसी स्वरूप में आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। ई-पुस्तिका के चौथे तथा पांचवें संस्करण में यह अनुवादित निर्णय है।
इसका लोकार्पण ए-आई असिस्टेड लीगल एडवाइजरी, ई-एएचसीआर एवं आईएलआर समिति द्वारा किया गया। अब तक हाई कोर्ट के 82 हजार से अधिक हिंदी में अनुवादित निर्णय वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
आईएलआर समिति के मार्गदर्शन में संचालित
एआई आधारित अनुवाद परियोजना सुवास प्रकोष्ठ प्रयागराज और लखनऊ द्वारा मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली के संरक्षण और ए-आई असिस्टेड लीगल एड्वाइजरीए ई-एएचसीआर एवं आईएलआर समिति के मार्गदर्शन में संचालित है। इसमें न्यायमूर्ति अजीत कुमार अध्यक्ष और न्यायमूर्ति समीर जैन, न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान और न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह सदस्य हैं।
ई-पुस्तिका के चौथे संस्करण में क्रमशः 15 मार्च 1946 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस निर्णय का हिंदी अनुवाद है जो स्वतंत्रता पूर्व कानपुर बम विस्फोट प्रकरण में दायर आपराधिक अपील संख्या 1028/1944 से संबंधित है।
पांचवें संस्करण में 12 जून 1975 के निर्णय का हिंदी अनुवाद
इसी तरह पांचवें संस्करण में 12 जून 1975 के निर्णय का हिंदी अनुवाद है, यह ऐतिहासिक राज नारायण बनाम इंदिरा नेहरू गांधी प्रकरण में चुनाव याचिका संख्या 05/1971 में पारित किया गया था। इससे पूर्व ऐतिहासिक मुकदमे जैसे चौरी-चौरा, केशव सिंह प्रकरण और आगरा षड्यंत्र प्रकरण इसी शृंखला के क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय संस्करणों में प्रकाशित हो चुके हैं।

