दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि विवाह समारोह सहित किसी भी सामाजिक कार्यक्रम के आयोजन से पहले दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना जरूरी होगा। यह निर्णय दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए लिया गया है।
जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से कहा कि सभी कार्यक्रमों पर इस नियम को लागू किया जाए। डीपीसीसी से एनओसी के साथ ही फायर एनओसी भी लेना भी जरूरी होगा। इसके बगैर किसी बैंक्वेट हॉल अथवा समरोह स्थल पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
बेंच ने कहा कि यह प्रयास कई स्तर पर आम आदमी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही किए जा रहे हैं। हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि एमसीडी यह भी सुनिश्चित करे कि जहां भी विवाह अथवा अन्य कोई कार्यक्रम की अनुमति दी जा रही है, वहां वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था हो। समारोह में आने वाले वाहनों की वजह से लोगों को असुविधा का सामना ना करना पड़े। साथ ही वाहनों की वजह से होने वाले प्रदूषण पर भी लगाम लगाई जा सके।
बैंक्वेट हॉल को लेकर दायर याचिका पर आया आदेश
इस मामले में बदरपुर इलाके में बैंक्वेट हॉल को लेकर एक याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया था कि दिल्ली नगर निगम के नियमों की अवहेलना कर यह बैंक्वेट हॉल चलाया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इलाके की सड़कें टूटी होने के कारण धूल-मिट्टी उड़ती रहती है, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ जाता है। हालांकि एमसीडी ने अपने जवाब में कहा कि यह बैंक्वेट हॉल उसकी अनुमति से संचालित है। इस पर हाईकोर्ट ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने के निर्देश दिए।

