EDITED BY
ABHINAV SONI
रायपुर। मुंगेली की जिला एवं सत्र न्यायाधीश कांता मार्टिन (56 वर्ष) अपने बंगले में फांसी पर लटकी हुई मिली। इस बंगले में 10 साल पहले भी एक महिला जज ने आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 10 बजे जब ऑफिस के घरेलू स्टाफ घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। इसकी जानकारी स्टाफ ने सीजेएम को और सीजेएम ने पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुजूर अपने पुलिस स्टाफ सहित पहुंचें। और जब उन्होंने खिड़की से देखा तो श्रीमती मार्टिन को शयन कक्ष में साड़ी से सीलिंग फैन पर लटका हुआ पाया गया। फिर दरवाजा तोड़कर उनके शव को नीचे उतारा गया।
स्टाफ ने उन्हें सुबह 6 बजे बंगले के बाहर टहलते हुए देखा था। पुलिस मौत के कारणों की पता लगाने की कोशिश कर रही है। लेकिन अभी तक इसका खुलासा नहीं हो पाया हैं। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है लेकिन प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है।
महिला जज मूलतः जबलपुर की रहने वाली हैं। करीब डेढ़ साल पहले उनके पति की मौत हो गई थी, जो सरकारी सेवा से रिटायर हुए थे। इस सरकारी बंगले के इसी कमरे में 10 साल पहले मुंगेली की तत्कालीन एडीजे अमृता संजय लाल ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। विदित हो कि श्रीमती मार्टिन पूर्व में रायपुर में भी पदस्थ रहीं हैं।

