बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के निलंबित सीनियर आईपीएस अफसर जीपी सिंह की दोनों याचिका हाईकोर्ट ने ख़ारिज कर दी हैं। जीपी सिंह की आय से अधिक संपत्ति के मामले की सीबीआई से जांच कराने और राजद्रोह प्रकरण मामले में भी जीपी सिंह को कोर्ट से राहत नहीं मिली। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया है।
जीपी सिंह की तरफ से सीनियर एडवोकेट किशोर भादुड़ी ने पैरवी की, वहीं राजद्रोह प्रकरण में सरकार की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल अमृतोदास ने पैरवी की। आय से अधिक संपत्ति प्रकरण पर एसीबी की तरफ से राज्यसभा सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केटीएस तुलसी उपस्थित हुए। कोर्ट ने जीपी सिंह की दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से केस डायरी तलब की थी।
दर्ज है राजद्रोह का केस
विदित हों कि , छत्तीसगढ़ के आईपीएस अफसर जीपी सिंह के ठिकानों पर एसीबी ने छापा मारा था, इस दौरान आय से ज्यादा संपत्ति का खुलासा हुआ था। जबकि जीपी सिंह के खिलाफ कई अहम सबूत मिले थे, जिसके बाद उस पर रायपुर में एफआईआर कराते हुए राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था। और सरकार ने जीपी सिंह को निलंबित भी कर दिया है। दोनों ही मामलों में जीपी सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी जो ख़ारिज हो गई।
10 करोड़ की बेनामी संपत्ति
एसीबी की टीम ने आईपीएस जीपी सिंह के रायुपर स्थित ठिकानों पर छापा मारा था। जहां से करीब 10 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति मिली थी। इसके अलावा एसीबी को जीपी सिंह की एक डायरी भी हाथ लगी , जिसमें सरकार के खिलाफ षडयंत्र रचने का जिक्र किया गया है। जिसके बाद एसीबी की टीम ने कोतवाली थाने में जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह समेत अन्य मामलों में एफआईआर दर्ज की है।

