नई दिल्ली | 13 अगस्त 2026
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने हैदराबाद स्थित NALSAR University of Law के वर्ष 2026 में स्नातक हुए विद्यार्थियों के अधिवक्ता के रूप में नामांकन पर अगले आदेश तक रोक लगाने का निर्देश दिया है। BCI की ओर से सभी राज्य बार काउंसिलों को इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं।
यह कार्रवाई NALSAR के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की भागीदारी को लेकर सामने आए कथित छात्र अभियान की जांच के बीच की गई है।
NALSAR 2026 बैच के एनरोलमेंट पर रोक
BCI के 13 अगस्त 2026 के पत्र के अनुसार, किसी भी State Bar Council को NALSAR University of Law से वर्ष 2026 में पास हुए विद्यार्थियों का एनरोलमेंट नहीं करने का निर्देश दिया गया है। यह रोक BCI के अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।
BCI ने इस मामले में NALSAR विश्वविद्यालय के कुलपति तथा सभी राज्य बार काउंसिलों के सचिवों को पत्र भेजा है।
अभियान से जुड़े लोगों की मांगी गई तथ्यात्मक रिपोर्ट
BCI ने NALSAR के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश की सहभागिता से संबंधित अभियान को शुरू करने, आयोजित करने अथवा लोगों को संगठित/मोबिलाइज करने में भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों के संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट (Factual Report) मांगी है।
इससे संकेत मिलता है कि परिषद इस पूरे घटनाक्रम में अभियान से जुड़े व्यक्तियों और उनकी भूमिका के संबंध में तथ्य जुटा रही है।
सोशल मीडिया और डिजिटल आचार-संहिता को लेकर भी निर्देश
इसी क्रम में BCI की ओर से राज्य बार काउंसिलों को सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से संबंधित आचार-संहिता/निर्देशों तथा सुप्रीम कोर्ट के संबंधित आदेशों को अपनी वेबसाइट के होमपेज पर प्रमुखता से प्रकाशित करने का निर्देश दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
BCI के इस कदम का उद्देश्य अधिवक्ताओं और बार संस्थाओं तक न्यायालयों के निर्देशों तथा डिजिटल आचार-संहिता से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं को प्रमुखता से पहुंचाना बताया जा रहा है।
आगे क्या होगा?
NALSAR के 2026 बैच के विद्यार्थियों के लिए फिलहाल अधिवक्ता के रूप में नामांकन की प्रक्रिया पर यह रोक BCI के अगले आदेश तक जारी रहेगी। साथ ही, अभियान से जुड़े व्यक्तियों के संबंध में मांगी गई तथ्यात्मक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
यह मामला कानून शिक्षा, अधिवक्ता नामांकन, बार काउंसिल के नियामक अधिकार और न्यायपालिका से जुड़े संस्थागत अनुशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिवक्ता वाणी इस मामले में BCI, NALSAR तथा संबंधित राज्य बार काउंसिलों की आगामी आधिकारिक कार्रवाई और प्रतिक्रिया पर नजर बनाए हुए है।
स्रोत: BCI का 13 अगस्त 2026 का पत्र एवं उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स।
अस्वीकरण: समाचार में अभियान से संबंधित आरोप/दावे उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।
अधिवक्ता वाणी | कानून की बात, आपके साथ
